शनिवार, 27 मार्च 2010

सबसे  पहले  तो  धर्म  के नाम पर लड़ने वालो कि जय  हो (अगर वो ऐसा ना करे तो उन्हें कौन पूछे यहाँ ).
आप सभी ऐसे मुद्दों को क्यों उठाते हो ?
ऐसे मुद्दों पर बात करने के लिये और उन पर रोटिया सेकने के लिये तो देश के राजनीतिक दल ही काफी थे भाइयो .
इन सब बातों से किसी को क्या हांसिल हुआ हैं?  कोई तो मुझे बता दो कृपा करके.
धर्म के नाम पे जितने भी मसले उठे हैं उनसे काफी जनहानि हो चुकी हैं पहले ही, पर कभी किसी धार्मिक अवसाद से उत्पन माहोल  से पीड़ित लोगो से बात करके देखो कि वो क्या कहते हैं.
वो किसी धर्म को नही सिर्फ अपनों के दर्द को समझते हैं और मेरे ख्याल से मानव धर्म सबसे बड़ा हैं. जो दुसरो का कष्ट महसूस  करे वो सबसे बड़ा धरमपुरुष हैं.
इसलिए अगर बढ़ाना हैं तो सोहार्द बढाइये. बस इतना ही निवेदन हैं.
वो सब पहले वाली बातें थी आज के दौर में अगर जीना हैं तो ऐसी सोच बदलनी पड़ेगी.
संजीव राणा 
हिन्दुस्तानी 

6 टिप्‍पणियां:

  1. Rana ji you are very correct. I totally agree to your thoughts.

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  2. "(अगर वो ऐसा ना करे तो उन्हें कौन पूछे यहाँ )"

    बिलकुल सही शुरू किया राणा साहब!यही तो मर्म है बात का!अब भाट गीत नहीं गायेगा तो खायेगा कैसे!लोग बस दिखाना चाहते है खुद को!उन्हें धर्म-वर्म से कुछ भी लेना देना नहीं है!न अपने से,न किसी और के धर्म से!बस लोग उन्हें देखे,पढ़े,उनकी चर्चा करे,भले ही चर्चा में उन्हें गालियाँ मिले,पर चर्चा चाहते है!
    वो कहते है ना-"जब से मै थोडा बदनाम हो गया,खुदा कसम तब से मेरा बड़ा नाम हो गया!"
    सब अपना नाम बड़ा करने के चक्करों में पड़े है!नहीं जानते कि चक्करों में पड़ कर सिर्फ चक्कर ही आने है,मिलना-मिलाना कुछ है नहीं!छोटे बच्चे घूमते रहेंगे जब तक कि वो गिर ना जाएँ!बस ये भी गिर कर ही समझेंगे!

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  3. संजीव जी बहुत सही बात कही

    आशा करता हूँ सब लोग इस बात को पढ़े

    और मनन करें, इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म हैं

    धर्म के नाम पर होने वाले कुकृत्यो से किसी धर्म के लोगो का भला नहीं होता

    बेचारे निर्दोष लोग पर सारा कहर टूट पड़ता हैं

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  4. yashwant ji nirdosh logo par hi kahar tootta h hamesha.
    kyonki jo ye sara mahol kharaab karte h unhe pata hota hain ki aage kya hone jaa raha h.
    rhi baat nirdosho ki to aaj to log apna sirname tak bhi apni dukaano pe lagane se darte h ki kahi kisi dharmik jhagde me unka sab kuch smapat na ho jaye.

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  5. राणा साहब, यो सुधरण वाले कोनी।
    आप भी देख लेना। वैसे आपने लिखा बिल्कुल ठीक है।
    आभार। और ये वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा लें, प्लीज़।

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